विधानसभा में आरक्षण और आउटसोर्सिंग पर तीखी नोकझोंक

विधानसभा में आरक्षण और आउटसोर्सिंग पर तीखी नोकझोंक

Heated arguments in the Assembly over reservation

Heated arguments in the Assembly over reservation

लखनऊ। विधान सभा में आरक्षण और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सोमवार को तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सपा सदस्य संग्राम यादव द्वारा आउटसोर्सिंग और आरक्षण का मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार की ओर से श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सपा पर जोरदार हमला बोला।

कहा कि सपा पीडीए की बात तो करती है, लेकिन अपने शासनकाल में उसने केवल एक वर्ग को लाभ पहुंचाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में ओबीसी आरक्षण के तहत लगभग 82 प्रतिशत लाभ एक ही वर्ग को दिया गया, जबकि राजभर, केवट, मल्लाह, चौहान सहित कई जातियों को उनका वाजिब हिस्सा नहीं मिला।

मंत्री ने कहा कि सपा बाबा साहेब के संविधान की बात करती है, लेकिन उसके कार्यकाल में सामाजिक न्याय की अनदेखी हुई। सपा बार-बार आरक्षण का मुद्दा उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है। सपा शासनकाल में रोजगार मेलों के जरिए सीमित युवाओं को अवसर मिला, जबकि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक बड़ी संख्या में युवाओं को निजी संस्थानों में रोजगार मिला है। अब तक साढ़े आठ लाख सरकारी नौकरियां युवाओं को मिल चुकी हैं।


इससे पहले संग्राम यादव व पूजा ने सरकार पर आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थायी नौकरियों से बचने के लिए सरकार आउटसोर्सिंग का सहारा ले रही है और 12 से 15 हजार रुपये के वेतन पर युवाओं का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के जरिए पिछड़ों और दलितों के आरक्षण अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और भर्तियों में आरक्षण नियमों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई।


महिलाओं के लिए और लगेंगे पिंक रोजगार मेले

मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के लिए अलग से पिंक रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है, ताकि महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। पिंक रोजगार मेलों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 25 से 30 हजार युवाओं को विदेश भी सरकार भेजने जा रही है। सपा अब तक चार बार सरकार में रही है और सबसे अधिक ओबीसी का नुकसान उसी ने किया है।